STORYMIRROR

Anjana Singh (Anju)

Abstract

4  

Anjana Singh (Anju)

Abstract

जीवन के कई रंग

जीवन के कई रंग

1 min
487

जीवन में कई रंग है बिखरे

कुछ हैं हल्के कुछ हैं गहरे


यह हंसते हैं लहराते हैं

कई खुशियां बिखराते हैं


हंसता रंग खुशी दे जाता

गम का रंग फीका कर जाता


आत्मा का रंग होता सच्चा

प्रेम पुष्प सा खिल जाता


पक्के रंग बिखरें कुदरत ने

और कच्चे रंग इंसानों ने


छल के रंग में कई रंगें

पर दृढ़ रंग विश्वास का


सपनों के पूरा होने पर

छलक जाते सतरंगी रंग


टूट जाए जो सपने 

दिख जाता बेरंगी रंग


इंद्रधनुष बन जाता है 

जब कई रंग मिल जाते हैं


शब्दों के रंग रचना बनकर

होंठों पर मुस्कुराते हैं


भावों के रंग चेहरे पर आकर

दुःख सुख बतलाते हैं


रोज हमें देखने को मिलते

कई रंग अपनों के बेगानों के


मनचाही रंगों से हम

कई खुशियों के चित्र उकेरते हैं


मन जब खुश हो जाए तो

खुशियां ही खुशियां बिखेरते हैं


उम्मीद का रंग होता मनभावन

छिड़क देता एहसास पावन


संतोष के रंग में हो जाते तृप्त

ना रहती कोई इच्छा अतृप्त


प्यार के रंग में रंगे सभी

कल आज हो या अभी


कहीं छांव कहीं धूप है

रंगों के विविध रुप हैं


उत्सवी माहौल में छिपी 

सबकी कुछ अभिलाषा है


ना जाने इन रंगों की 

कितनी लंबी परिभाषा है



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract