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Anjana Singh (Anju)

Abstract

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Anjana Singh (Anju)

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खुदरंग

खुदरंग

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बनावटी इस रंगीन दुनिया से

कभी बेरंग मैं हो जाऊं

अपने ही रंग में रंग कर 

मैं खुदरंग हो जाऊं


समुंदर के खारे पानी से हटकर

मीठे जल का सा एहसास हो जाऊं

हिना से भी खूबसूरत रंग है जो

उस खुद रंग में रंग जाऊं


उमंग से जीने के

जुनून से मैं भर जाऊं

खुद के रंगों में रंग कर 

सुकून मैं पा जाऊं


कभी दुनिया के रंगों से परे 

खुद की राह बना पाऊं

अपने अस्तित्व को 

खुद के रंग में रंग लाऊं


मन के अंदर के तूफान को

शांत कर मीठा दरिया बन जाऊं

मन के रंग में रंग कर

 मैं खुद रंग हो जाऊं


खुद के अंदर है सब रंग

यह यकीन मैं कर पाऊं

अपने ही रंग में रंग कर

 मैं खुद रंग हो जाऊं।


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