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Rahulkumar Chaudhary

Abstract

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Rahulkumar Chaudhary

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प्यार का नशा

प्यार का नशा

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नशा जरूरी है 

ज़िन्दगी के लिए, 

पर सिर्फ शराब ही नहीं है 

बेखुदी के लिए, 

किसी की मस्त निगाहों में 

डूब जाओ, 

बड़ा हसीं समंदर है 

ख़ुदकुशी के लिए

हमें उम्र का तकाज़ा

अपनी कलमों की सफेदी में

दिखता है

तुमने आँखों का 

काजल लगाकर

उसे फिर से जवान कर दिया!


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