जीवन के अज्ञात रास्तों पर चलकर संघर्ष और सफलता
जीवन के अज्ञात रास्तों पर चलकर संघर्ष और सफलता
यह ज़िंदगी है जनाब,
जहां हर किसी को अंजान और अज्ञात रास्तों पर सफर करना पड़ता है।
हम भी गुज़रे हैं ऐसे ही अंजान रास्तों से,
जहां सफर में साथी भी अनजान था,
और परिवार भी जैसे अजनबी था।
फिर भी, हिम्मत और हौसले की कभी कमी न हुई,
नए चेहरों को अपना बनाने का जज़्बा कभी कम न हुआ।
हम दो मुसाफ़िर, मन में उमंग और उत्साह लिए,
निकल पड़े उस अनजान सफर पर।
रास्ते अनजान थे, पर चलते-चलते अपने हो गए,
और सफर, जो कभी अज्ञात था, सुहाना हो गया।
आज जब पीछे मुड़कर देखते हैं,
वो शुरुआती संघर्ष की धुंधली यादें फिर से ताजा हो जाती हैं।
संघर्ष तो था, पर साथ में खुशी और संतोष भी था,
उस संघर्ष ने हमें यहां तक पहुंचाया।
अब जब उन दिनों को याद करते हैं,
हम अपनी मेहनत की लकीरों में अपनी कामयाबी देख जाते हैं।
हां, सफर अनजान था, साथी भी अनजान था,
पर उनकी संगत ने इसे यादगार बना दिया।
आज जब हम इस मुकाम पर खड़े हैं,
अपनी कहानी आपसे साझा कर रहे हैं।
लेखन के अज्ञात रास्तों पर भी कदम रखा,
और आप जैसे प्यारे पाठकों का साथ पाया।
स्टोरी मिरर का "ऑथर ऑफ द ईयर" और "एडिटर चॉइस" का खिताब पाया।
ये सफर अब अज्ञात नहीं रहा,
जाने-पहचाने रास्तों का मुकाम बन गया।
आप जैसे पाठकों और मित्रों ने जो हौसला दिया,
वो हमें हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
