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Vikrant Kumar

Inspirational


4.6  

Vikrant Kumar

Inspirational


जीवन का आधार तुमसे है।

जीवन का आधार तुमसे है।

1 min 285 1 min 285

सृष्टि का निर्माण तुमसे है,

ममता की पहचान तुमसे है।


हमदम, हमदर्द तुम सा नहीं,

जीवन के सारे अरमान तुमसे है।


निराश मन में चमकती आशा तुम,

हौंसलों की उड़ान तुमसे है।


सहनशीलता की पराकाष्ठा तुम,

कर्तव्य परायणता की मिसाल तुमसे है।


प्रणय की मूरत हो तुम,

सौन्दर्य की पहचान तुमसे है।


मचलते मन का विराम तुम,

खुशियों के अरमान तुमसे है।


तुम्हीं जननी, तुम्ही सखा,

साथ निभाती जीवनसंगिनी तुम।


अधूरा है मनु, अधूरा है ये संसार,

जीवन का आधार तुमसे है।



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