STORYMIRROR

Ratna Kaul Bhardwaj

Inspirational

4  

Ratna Kaul Bhardwaj

Inspirational

जीत दृढ़ता की निशानी

जीत दृढ़ता की निशानी

1 min
331

राह में हो चाहे कितनी अड़चनें

तो सूझ-बूझ से काम लें

हार मान लेना है कायरता

चिंगारी छुपी होती है राख में


किनारा चाहे कितना दूर हो

डूब जाना है बुज़दिली

हर हाल में जो पार लगाए

ऊँचे किरदार की है वह निशानी


हिम्मत व हौसला है शस्त्र असली

हो हार जब सामने खड़ी

वश में रहे मन मस्तिष्क

और हो मुंह में मीठी वाणी


जीत की चिंगारी न बुझने दो

चाहे हवाएं कितनी बदले रुख अपना

हर मुश्किल में है सीख छुपी

बस काबू में रहे संयम गहरा


हर हाल में बढ़ना ही

जीने की है निशानी असली

एक हार से जो टूट जाये

वह जीत का कभी भागीदार नहीं


कोशिशें देती है अनुभव हमें

बिन कोशिश कोई कहाँ सफल बना

हर चुनौती जो मन से स्वीकार करें

ईश्वर भी रहता है उसके साथ खड़ा


जीत कोई लालसा नहीं

दृढ़ता की अटल निशानी है

खुद सुदृढ़ व परिपक्व बनो

हर संकट लगेगा बेमानी है...



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational