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जी हाँ ,फर्क पड़ता है

जी हाँ ,फर्क पड़ता है

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जीवन भर कोई साथ न दे

तो फर्क नहीं पड़ता,

गर हाथ थाम छोड़े कोई

तो फर्क पड़ता है।


न करे वादा कोई भी अगर

तो फर्क नहीं पड़ता,

वादा करके भी तोड़े कोई

तो फर्क पड़ता है।


हम रहें अकेले जीवनभर

तो फर्क नहीं पड़ता,

संग रहकर मुँह मोड़े कोई

तो फर्क पड़ता है।


कांटे ही कांटे हों पथ में

तो फर्क नहीं पड़ता,

दिल समझ खिलौना तोड़े कोई

तो फर्क पड़ता है।


मांझी को किनारा मिले नहीं

तो फर्क नहीं पड़ता,

मजधार बीच जो छोड़े कोई

तो फर्क पड़ता है।


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