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Kalpesh Patel

Drama

4  

Kalpesh Patel

Drama

दिल हमारा मानता नहीं !

दिल हमारा मानता नहीं !

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दिल हमारा मानता नहीं, .... टेक


बिटिया हमारी

यूँही बड़ी हो जायेगी

छुपा -छुपी खेलती तू बिटिया

आज हमसे यूँही छुप -छूट जाएगी !


दिल हमारा मानता नहीं, .... टेक

बात करे क्या तेरे नाजः-शरारत की ,

बिटिया अभी तो दिल भरा नहीं

बारबि डोल घर हमारे -खेलते खेलते

अपने पियाके घर हमें छोड़के तू चली .


दिल हमारा मानता नहीं, .... टेक

तू है हमारी दिलकी धड़कन

सात फेरे बिटिया, तू क्या चली

जैसे समंदर सात दूर चली

माना तू थी ही पराया धन।


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