Click Here. Romance Combo up for Grabs to Read while it Rains!
Click Here. Romance Combo up for Grabs to Read while it Rains!

जब होता है प्रेम

जब होता है प्रेम

1 min 273 1 min 273

आसमान तारों से

टिमटिमाता हुआ

साफ नजर आता है। 


मन करता है

माघ की चांदनी रातों में

भीगने का। 


जेठ की गर्मी में

तपने का

आंखों में चढ़ा काला

पर्दा हट जाता है 

दुश्मन भी दोस्त

नजर आता है। 


कांटों की दरिया

लगने लगती है

फूलों की सेज। 


दुनिया दीखती है

दूध की धुली। 

खूबसूरत बर्फ की

चदरिया में

रंग-बिरंगे महकते फूल,


जिसके एक कोने से

सूर्य उदित होता दीखता है

ऐसा लगता है जैसे

अभी-अभी हुई है सुबह

जिन्दगी में।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Pawanesh Thakurathi

Similar hindi poem from Romance