नीलम पारीक
Romance
तुम्हारी निरन्तर
दिल पर दस्तक को
जाने क्यों
कर लिया स्वीकार
न चाहते हुए भी
कह दिया
हाँ हमको है तुमसे प्यार
इससे तो अच्छा था
कह देते ये ही कि
आ बैल मुझे मार।
"कल्पना" (fan...
"प्रेम"
"बचपन की ओर"
"ज़िन्दगी-इक ख...
"पैसा"
"सफ़र ज़िन्दगी ...
"जादू"
"खौफ़नाक मंज़र"
"मेरे हीरो"
मेरा परिवार
पर जो तुम्हें कह दूं अपना , इतना मुझे अधिकार नहीं है पर जो तुम्हें कह दूं अपना , इतना मुझे अधिकार नहीं है
रूठ जाने की कभी हमसे बात मत करना टूट जाने की कभी हमसे बात मत करना। रूठ जाने की कभी हमसे बात मत करना टूट जाने की कभी हमसे बात मत करना।
नादान सा दिल रुकता नहीं , किसी भी मोड़ पर ..... नादान सा दिल रुकता नहीं , किसी भी मोड़ पर .....
दुनिया घूम सकती है, समय डोल सकता है, फिर भी वैलेंटाइन डे पर प्यार कायम रहता है. दुनिया घूम सकती है, समय डोल सकता है, फिर भी वैलेंटाइन डे पर प्यार कायम रहता ह...
क्या तुमने कभी मेरे घर को भी उतना अपनाया है। । क्या तुमने कभी मेरे घर को भी उतना अपनाया है। ।
यह ढाई अक्षर की आवली वैसी नहीं जो निकलती है सड़क किनारे लगे भण्डारे की दुकान से। यह ढाई अक्षर की आवली वैसी नहीं जो निकलती है सड़क किनारे लगे भण्डारे की दुकान स...
रात की चाँदनी में छुपी "मोहब्बते", सपनों की दुनिया में, बसी है बातें। रात की चाँदनी में छुपी "मोहब्बते", सपनों की दुनिया में, बसी है बातें।
धीरे धीरे से ही सही वो मेरे दिल में यूं बस गया है कि जैसे सदियों से उससे कोई पहचान है, धीरे धीरे से ही सही वो मेरे दिल में यूं बस गया है कि जैसे सदियों से उससे कोई पहच...
वो एहसास अपने बदन का ,मुझे फिर से दे दो ना यार। वो एहसास अपने बदन का ,मुझे फिर से दे दो ना यार।
मुख पे छाई उदासी आंखों में ले खारा पानी। मुख पे छाई उदासी आंखों में ले खारा पानी।
पता नहीं ये तेरे मुस्कान के कमाल है , या फिर तेरे शब्दों का पता नहीं ये तेरे मुस्कान के कमाल है , या फिर तेरे शब्दों का
पर जो खुशकिस्मत नहीं वो है नाखून जो बढ़ जाने पर तुम काट देती हो। पर जो खुशकिस्मत नहीं वो है नाखून जो बढ़ जाने पर तुम काट देती हो।
चमकती रूपवती आँखों में काजल की खूबसूरती, चमकती रूपवती आँखों में काजल की खूबसूरती,
ओ कन्हैया, कान्हा मेरे ओ मन बसिया, सांवरिया मेरे,, ओ कन्हैया, कान्हा मेरे ओ मन बसिया, सांवरिया मेरे,,
वो सलाम नहीं था बस एक अकेला शब्द, बल्कि उसमें छिपा था एक अनमोल अर्थ। वो सलाम नहीं था बस एक अकेला शब्द, बल्कि उसमें छिपा था एक अनमोल अर्थ।
अदृश्य भावनाओं का मेला, प्रेम, आस, और विश्वास का खेला। अदृश्य भावनाओं का मेला, प्रेम, आस, और विश्वास का खेला।
मै कृष्णा तू राधा मेरी मुझ ही में है अब झलक तेरी। मै कृष्णा तू राधा मेरी मुझ ही में है अब झलक तेरी।
उसने तो अपने जीवन में परिवार के ऊपर तुम्हें प्रथम स्थान तक दे दिया और... उसने तो अपने जीवन में परिवार के ऊपर तुम्हें प्रथम स्थान तक दे दिया और...
अपनी सारी उदासी बहा देना चाहता हूँ... एक सिर्फ तुम्हारे कंधे पर रख कर सर..!! अपनी सारी उदासी बहा देना चाहता हूँ... एक सिर्फ तुम्हारे कंधे पर रख कर सर..!!
हे प्रभु श्री राम अब तो मान जाओ ना मुझे अपनी दिकु वापिस लौटाओ ना। हे प्रभु श्री राम अब तो मान जाओ ना मुझे अपनी दिकु वापिस लौटाओ ना।