STORYMIRROR

Karan Mistry

Romance

3  

Karan Mistry

Romance

इज़हार

इज़हार

1 min
344

तुम खफा हो के दूर चले गये

फिर भी मैं खुदा से सजदा करता हूं।


पर एक बात सच्ची बोलूँ

आज भी मैं तुमसे प्यार करता हूँ।


वो बात तो बरसों के पहले की है

आज मैं उसका ज़िक्र करता हूँ।


तू मेरे कल आज और कल में हो

आज फिर तुझे इज़हार-ए-इश्क़ करता हूँ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance