STORYMIRROR

Karan Mistry

Inspirational

2  

Karan Mistry

Inspirational

भारत

भारत

1 min
402

तुम तोड़ोगे मुझे मैं अपने खून से लड़ूंगा

कोशिश करेगा मनाने की मैं तुझे मनाऊंगा


गहरे समंदर को चीरना जानता हूँ मैं

किनारे पे लाके मैं तुझे वही डूबाऊँगा


इरादे मेरे इस मिट्टी के लावा से निकले है

नापाक हरकत होगी तो इसी मिट्टी में दफ़न होगा


मेरे हौसले ही मेरी जंग का आगाज़ है

तेरे हज़ार झूठ में, एक सच आज़ादी का ढूंढूंगा


एक साथ रहूँगा एक जूट रहूँगा तभी मैं

लाखों संस्कृति का समन्वय भारत कहलाऊंगा



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational