Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Bindiyarani Thakur

Abstract

3.5  

Bindiyarani Thakur

Abstract

इतनी सी है आशा

इतनी सी है आशा

1 min
468


इस नन्हें से दिल की इतनी सी है आशा ,

 हमारे जीते जी पूरी हो जाए हर अभिलाषा।

 

ज़िन्दगी में किसी के काम आ सकूँ  ,

नाम ना सही, थोड़ा सा सम्मान कमा सकूँ।


दुनिया से जाने से पहले कुछ अच्छे काम कर लूँ ,

अपनी अच्छाईयों को किसी को धरोहर में दे दूँ। 


भलाई और परोपकार के कर्म करूँ,

किसी भूखे को भरपेट खाना खिला पाऊँ ।


मन से तृष्णा का नाश हो जाए ,

और अन्तर्आत्मा चैन की नींद सो जाए।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract