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Dr Reshma Bansode

Romance

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Dr Reshma Bansode

Romance

इतेफक

इतेफक

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नजरो का मिलना तुमसे

था तो एक इतेफाक ।

कुछ अजीब सा एहसास,

तुमसे जुड़े होने का ,

उस पल भर में था समाया ।


थी कुछ इतनी गहरी बात

न मैं सुन सकी ।

लेकिन उसका उस समय

महसूस होना था एक इत्तेफाक ।


वो नजर मेरे भीतर उसी समय

थम गई,

यूं कहो, बस बेवजह अंदर समा गई ।

एक अजीब जुड़ाव महसूस होना था एक इत्तेफाक ।


जानती थी, पहले मिले हो मुझे

तुम कई बार,

इस जन्म तो मुलाकात हुई है

पहली बार ।

तुम्हारा दुबारा इस तरह मिलना

है एक इत्तीफाक।


देर कर दी लेकिन तुमने

फिर से इस बार,

रह जायेगा अधूरा मिलना तुमसे फिर से इस बार ।

हर बार तुम्हारा ये ऐसा मिलना

भी है एक इत्तीफाक।


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