इतेफक
इतेफक
नजरो का मिलना तुमसे
था तो एक इतेफाक ।
कुछ अजीब सा एहसास,
तुमसे जुड़े होने का ,
उस पल भर में था समाया ।
थी कुछ इतनी गहरी बात
न मैं सुन सकी ।
लेकिन उसका उस समय
महसूस होना था एक इत्तेफाक ।
वो नजर मेरे भीतर उसी समय
थम गई,
यूं कहो, बस बेवजह अंदर समा गई ।
एक अजीब जुड़ाव महसूस होना था एक इत्तेफाक ।
जानती थी, पहले मिले हो मुझे
तुम कई बार,
इस जन्म तो मुलाकात हुई है
पहली बार ।
तुम्हारा दुबारा इस तरह मिलना
है एक इत्तीफाक।
देर कर दी लेकिन तुमने
फिर से इस बार,
रह जायेगा अधूरा मिलना तुमसे फिर से इस बार ।
हर बार तुम्हारा ये ऐसा मिलना
भी है एक इत्तीफाक।

