इश्क़ का मौसम
इश्क़ का मौसम
आसमां वफ़ा बनेंगे
इश्क़ अंजाम दिखेंगे
हम -तुम की कहानी
हर मौसम में बदलेंगे......
लम्हों से गुजरेंगे..
वक़्त पे मिलेंगे
साज़ दे ख़ामोशी
उम्मीद संग जीयेंगे........
धूप सा निखरेंगे
साये से मिलेंगे
इश्क़ का सफर
शाम बन के ढलेंगे.......
तन्हाई से पूछेंगे
चाँद को देखेंगे
ओढ़े इश्क़ की चादर
रात में बिखरेंगे......
बूंदों में सिमटेंगे
बारिश में बरसेंगे
छम छम बजे पायल
आँगन में गूँजेंगे......
दर्द में जीयेंगे
जुदाई भी सहेंगे
इश्क़ की बेवफाई
अश्कों में बहेंगे.......
इश्क़ में तेरे रहेंगे
बिन फेरे संग चलेंगे
नंदिता है इश्क़ मौसम
तुम बन के ही बदलेंगे.....!!

