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निशा शर्मा

Romance

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निशा शर्मा

Romance

इश्क

इश्क

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इश्क खुदा से हो तो है इबादत

इश्क दूजा नाम मेरे यार का,

इश्क का नाम दूजा है मोहब्बत।


इश्क खुदा से हो तो है इबादत

इश्क उनको मिले जिन्हें हो इसकी तमन्ना,

हमें मिले उनको एक नज़र देखने की इजाज़त।


इश्क खुदा से हो तो है इबादत

इश्क सौदा नहीं न हीं मौकापरस्ती,

जग भूले उसके चेहरे में दिखने लगे जन्नत।


इश्क खुदा से हो तो है इबादत

इश्क को कोई कहता फितूर तो कोई बोले कहर,

मेरे लिए जिंदगी की घुटन से रिहाई की जमानत।


इश्क खुदा से हो तो है इबादत।।


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