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Devesh Dixit

Romance

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Devesh Dixit

Romance

इश्क

इश्क

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इश्क किया है मैंने तुमसे

तुम ही जिंदगी की डोर हो

हँसी मजाक करूं मैं तुमसे

तुम ही जीवन की प्रीत हो


चेहरे पर तुम्हारे मुस्कान आती है

तो प्रसन्न मैं भी बहुत हो जाता हूं

और जब गंभीरता कभी आती है

तो अत्यंत दुखी मैं भी हो जाता हूं


बस तुम कभी भी उदास न हो जाया करो

मेरे मजाक पर तुम क्रोध न दिखाया करो

बड़ी प्यारी सी है ये अदभुत ज़िन्दगी देखो

इस ज़िन्दगी को बड़े प्यार से बिताया करो


तुम प्रियतमा हो मेरी, मैं प्रियतम तुम्हारा

 झटकना हाथ तुम्हारा, नहीं मुझको गवारा

आई हो जीवन में मेरे, बनकर रंगीन तराना

रूठने का न चलेगा, अब कभी कोई बहाना


तुम्हारे होने से ही तुम्हारा एहसास है

तुम न हो तो मेरी जिंदगी बकवास है

तुमसे झगड़ना तो बस एक मजाक है

यही तो जिंदगी का असली अलंकार है.


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