STORYMIRROR

Sumit. Malhotra

Abstract Romance Action

3  

Sumit. Malhotra

Abstract Romance Action

इश्क़ का सुरूर।

इश्क़ का सुरूर।

1 min
139

जब छाया तेरे इश्क़ का सुरूर था, 

वो दिन बहुत ही ख़ूबसूरत तो था। 


पहली अपनी मुलाक़ात वो ही थी, 

पहली बार दिल भी अपने मिले थे। 


प्यार तेरा पा कर ख़ुशनसीब हुआ, 

प्यार तेरा पतझड़ में बहार है हुआ। 


सिर्फ और सिर्फ मेरा कुसूर ना था, 

कुछ तो तेरी अदाओं का कुसूर था। 


मेरे चारों तरफ तेरे प्यार का नूर था, 

मेरी जीवन में तेरे प्रेम का सुरूर था।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract