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सामंत कुमार झा 'साहित्य'

Comedy Romance

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सामंत कुमार झा 'साहित्य'

Comedy Romance

इश्क़ ए चाॅकलेट

इश्क़ ए चाॅकलेट

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चाॅकलेट नहीं ये मेरा प्यार है,

तुम्हारा अब भी इंतजार है।


हाँ याद है मेरी जाना मुझे कि,

मुझ पर चाॅकलेट उधार है।


वो चाॅकलेट तुम्हें जरूर दूँगा,

साथ में ये दिल भी तैयार हैं।


इश्क़ ए चाॅकलेट का मजा है,

मिठास वाला ही ये प्यार है।


चाॅकलेट नहीं दिल भी रख लो,

छाया इश्क़ का ही खुमार है।


तुम्हें चाॅकलेट मुझे तुम पसंद हो,

दोनों बिना मेरा जीना बेकार है।


चली आओ जाना कि कहता हूँ,

मेरा तो चाॅकलेट का व्यापार है।



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