STORYMIRROR

सामंत कुमार झा 'साहित्य'

Inspirational Others

3  

सामंत कुमार झा 'साहित्य'

Inspirational Others

रग-रग में हिन्दी

रग-रग में हिन्दी

1 min
280


मेरे रग-रग में हिन्दी की धार है,

हिन्दी से मुझे असीम प्यार है।


हिन्दी से ही ये मेरी दुनिया और,

हिन्दी से ही तो मेरा ये संसार है।


हमारे देश को एक सूत्र में बाँधा,

ये भी तो हिन्दी का चमत्कार है।


हिन्दी मुझसे नहीं पर मैं हिन्दी से,

हिन्दी बिना मेरा जीवन बेकार है।


जहाँ भी चला जाऊँ मैं जग में,

मेरी हिन्दी मेरे संग लगातार है।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational