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सामंत कुमार झा 'साहित्य'

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सामंत कुमार झा 'साहित्य'

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बप्पा गणपति

बप्पा गणपति

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हे बप्पा गणपति,

हर लो सारी विपत्ति।


मेरे घर भी तुम आना,

खुशियाँ संग लाना।


चिंता सारी मिट जाए,

जब तेरे दर्शन पाए।


मिट जाए दुख सारे,

निकट हो जो तू हमारे।


जग की सारी विपत्ति,

हर लो बप्पा गणपति।



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