STORYMIRROR

सामंत कुमार झा 'साहित्य'

Others

3  

सामंत कुमार झा 'साहित्य'

Others

बप्पा गणपति

बप्पा गणपति

1 min
140

हे बप्पा गणपति,

हर लो सारी विपत्ति।


मेरे घर भी तुम आना,

खुशियाँ संग लाना।


चिंता सारी मिट जाए,

जब तेरे दर्शन पाए।


मिट जाए दुख सारे,

निकट हो जो तू हमारे।


जग की सारी विपत्ति,

हर लो बप्पा गणपति।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन