इस बारिश के मौसम में
इस बारिश के मौसम में
चाँद उठे जिस चेहरे से
और बालों में मोती घुल जाए
ऐ काश इस बारिश के मौसम में
वो आ कर मुझसे मिल जाए
वो लाये शबनम होंठों पर
जब धूप ज़रा अलसाई हो
वो अल्हड़ मस्त हँसी उसकी
एक मौसम छू कर आई हो
जब सर्द हवा के झोंकें हों
और कली ओस की खिल जाए
ऐ काश इस बारिश के मौसम में
वो आ कर मुझसे मिल जाए
वो अपना हाल ए दिल आ कर
हौले से इस बार लिखे
वो अपनी नाज़ुक ऊँगली से
मेरे हाथों पर प्यार लिखे
जब क़ैद मिले ख़ामोशी को
और लफ्ज़ ज़ुबाँ पर खुल जाए
ऐ काश इस बारिश के मौसम में
वो आ कर मुझसे मिल जाए
अम्बर पर रंग हो काजल का
और जब अँधेरा छा जाए
जब नींद में न हो ख्वाब कोई
पर ख्वाब में नींदें आ जाएँ
जब नूर उड़े उसके रंग से
और नज़रें मेरी धुल जाए
ऐ काश इस बारिश के मौसम में
वो आ कर मुझसे मिल जाए।

