STORYMIRROR

Dr. Razzak Shaikh 'Rahi'

Drama

2  

Dr. Razzak Shaikh 'Rahi'

Drama

इरादे

इरादे

1 min
328


इरादे है उनके देखो बड़े अजीब से

वे चाहते है पाना सत्ता मुझ गरीब से।


मजबूर उन्हें कर दिया इतना इलेक्शन ने

उतार लाये इसा को भी अब ये सलीब से।


अब जाने लागे बेझिझक मस्जिदों के भीतर

अल्लाह बचाये लोगों को उनके फरेब से।


गुरुद्वारो में हाजरी देने लगे कुछ दिनों से

बेनकाब कर उन्हे, ये इल्तजा है रब से।


भगवान से भी करते हैं जो लोग सौदेबाजी

उठाके कर दो बाहर उनको बड़े अदब से।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama