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Neerja Sharma

Romance


4.5  

Neerja Sharma

Romance


इंतज़ार

इंतज़ार

1 min 204 1 min 204


खुले दर ,

हर आहट,

तुम्हारे आने की ,

खबर देती ,

पर मिलती मायूसी।


इसीलिए बैठ घंटों,

तुम्हारा इंतज़ार करती,

दिल व घर के दर खोलकर।


आज भी .....

पलक झपकाने से डरती हूँ

कहीं तुम....

 बिन आहट ही आ गए तो....

हर पल ,बस रहता है

तुम्हारा ही इंतज़ार

पता नहीं कब बुझेगी

इन नैनों की प्यास...

कर रही हूँ इंतजार ,

बस इंतज़ार ।



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