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S N Sharma

Abstract Romance

4  

S N Sharma

Abstract Romance

की चलो प्यार करे

की चलो प्यार करे

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अनेकों रंग बिखरे हैं तेरे जलवों के दुनिया में।

वफा का रंग अपना दिखाओ की तुम्हें प्यार करें।


तुम्हें देखा तो लगा सारा जहां नजरों में सिमटा।

दिल ने दिल को पुकारा , कि चलो प्यार करें।


बला की खूबसूरत हो जहां सारा यह कहता है।

हम कदम गर मेरी बन पाओ तो तुम्हें प्यार करें।


तेरे चेहरे को गेसू यूं ढके हैं ज्यों चांद को बदली।

आ बांहों में हटा चेहरे से जुल्फें तेरा दीदार करें।


तुझे पाकर जमाने को भुला देने की हसरत है।

तुम मेरी तकदीर बनो तो दो जहां निसार करें।



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