STORYMIRROR

Anupam Meshram

Romance

4  

Anupam Meshram

Romance

इंतज़ार तेरा इंतज़ार

इंतज़ार तेरा इंतज़ार

1 min
396

एक तेरा इंतजार ही तो नहीं होता अब 

बस यूं लगता है कभी मैं चलता मेरे साथ होती तू


कभी चलकर थोड़ा रुकूँ सांस लूँ वहाँ होती तू

मैं इंतजार करता हारकर रह जाऊँ वहाँ मुझे थाम ले तू 

हर पल मैं तुझे महसूस करता मेरे सीने से लिपटी मेरे दिल के पास होती तू


तेरी यादें आती और मेरी आंखें भर आती

वो बेचैनी वो तड़प वो एहसास प्यार देखने पास होती तू


हाँ चलते रहने का नाम है ज़िन्दगी

लेकिन कदम कदम पर चलने के लिए भी काश मेरे साथ होती तू


ऐ मेरी ज़िन्दगी तुझे एहसास नहीं शायद

कितनी चाहत है कितनी मोहब्बत है इस दिल में तेरे लिए


कभी मेरी धड़कनों को सुनने मेरे पास होती तू



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance