STORYMIRROR

neha sharma

Tragedy Inspirational

4  

neha sharma

Tragedy Inspirational

इंसानियत

इंसानियत

1 min
248

तकलीफ में हर कोई मजाक बनाता है

मदद के लिए हाथ कोई नहीं बढ़ाता है

दूर से देख कर गरीबों पर हंसता है


गिर जाए कोई अगर सड़क पर चलते 

उसकी तकलीफ कोई नही देखता है

ना ही हाथ बढ़ा कर उसे खड़ा करता है


उसका वीडियो बनाकर मजाक करता है

जो कोई मदद के लिए हाथ बढ़ाता है

सच कहूं तो वही नेकदिल इंसान होता है 


बाकी तो बस दिखावे के ही साथी है

वाह रे इंसान तेरी इंसानियत कहा गई

तेरे संस्कारों की पौध मिट्टी में मिल गई


अब आगे क्या बोएगा और क्या काटेगा

आने वाला कल तूझसे यही सब पूछेगा।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy