इंसान का जीवन खतरे में।
इंसान का जीवन खतरे में।
आज दुनिया का पर्यावरण,
इस कद्र खराब,
कोई भी,
इससे नहीं अछूता।
हमने प्राकृतिक स्त्रोतों का,
इस कद्र अविज्ञानिक दोहन किया,
पर्यावरण ही नष्ट कर दिया।
इनमें सबसे गलत,
फोसिल फियुलज,
वाहन इतने बढ़ गए,
सड़कों पर,
छाए रहते,
धुएं के बादल।
ये धुआं,
सांस लेते समय,
हमारे फेफड़ों में जाता,
और शरीर का नुक़सान करता।
पर्यावरण सुरक्षा एजेंसियां,
कभी न हो पाती,
एक मत।
चलो क्यों न,
फौसिल फयउलज वैन कर दें,
एक पुश्त।
सोलर बैटरीज के वाहन चलाएं,
और हानिकारक धुएं से,
निजात पाएं।
शायद हमारी आर्थिकी,
फौसिल फयउलज पर,
बहुत अधिक निर्भर।
अगर लगा देंगे,
प्रतिबंध,
तो झेलना पड़ेगा घाटा,
लोग हो जाएंगे,
बेकार,
रोजगार छंट जाएंगे,
अंत में,
पुराने दिन लौट आएंगे।
परंतु पर्यावरण सुरक्षा एजेंसियां,
ये नहीं सोचती,
जो बिमारी,
ये फौसिल फयउलज देते,
उसको ठीक करने में,
जो हम खर्चें करते,
वो कई गुना,
अधिक होते होंगे।
सब मिलकर करते,
आहवान,
फौसिल फयउलज को,
करो दरकिनार।
एक अंतरराष्ट्रीय फंड बनाएं,
फौसिल फयउलज के प्रतिबंध से,
जो होगा नुक्सान,
उसकी भरपाई,
इस फंड से की जाए।
