STORYMIRROR

इज़हार

इज़हार

1 min
14.1K


हकीकत में नहीं ख्वाब में तो देदो,

हमारे इज़हार का जवाब तो देदो।


तलब लगी है ज़ोरो से तुम्हारी,

कोई बोतल एक शराब तो देदो।


मुस्कुराने से तेरे उजाला होता है मेरा घर,

अँधेरे में एक हसी लाजवाब तो देदो।


कितनी बार लुटा हु में तेरी अदा पर,

कभी बेठकर फुर्सदसे हिसाब तो देदो।


मुझे लिखनी है तेरी खूबसूरती की लिखावट,

कभी हाथोसे अपने कोरी किताब तो देदो।


आखिर हकीकत में नहीं ख्वाब में तो देदो

हमारे इज़हार का जवाब तो देदो


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Mitesh Khakharia

Similar hindi poem from Romance