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Manoj Sharma

Abstract Drama Tragedy

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Manoj Sharma

Abstract Drama Tragedy

ईद मुबारक

ईद मुबारक

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रुदन चाँद का किसने देखा

जब धरा गई शोणित नहलाई


कट कट गिरती देख गर्दनें

अल्लाह रोया हंसा कसाई


गूंगी चीखों के सन्नाटे चीर

मिली बँटी खूब बधाई


ईद मुबारक भाई जान

ईद मुबारक मेरे भाई


एक दुस्साहस....


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