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Manoj Sharma

Abstract

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Manoj Sharma

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वक्त

वक्त

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हर दर्द की कहानी एक सी होती है,

अन्जाम नहीं बदलतेेे....

किरदार बदल जाने से।


हर आँख़ का मुक्कदर समंदर नहीं होता,

यहां अश्क सूख़ जाते हैं....

महज़ वक्त गुज़र जाने से।

           


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