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Vikas Sharma

Romance

4  

Vikas Sharma

Romance

हसीं सपना

हसीं सपना

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उनके खातिर हमने

अपने ख्याबों को अपने

पैरों से दबा दिया

वो खुश रहे इस जहाँ में

इस जहाँ को हमने

फूलों से सजा दिया


उनका दिल दुखाने वाले को

हमने इस दुनिया से मिटा दिया

सितारे मांगे उन्होंने हमसे

हम लाये सितारे तब तक

उन्होंने हमको भुला दिया


सपनों की दुनिया को

मुश्किल होता है पाना

मुमकिन होता है

सपनों में ही खो जाना


सपनों में उनसे मिलकर

उनसे बातें करते हैं

जब आँख खुले तो याद में

उनकी आहें भरते हैं


ऐ काश ! वो पढ़ लें

मेरी आँखों के सपने

सपनो से निकलकर

हकीकत में कह दें


हम हैं उनके अपने

वो इतने अच्छे इतने प्यारे हैं

काश वो भी देखें हमारे सपने

हम मिलकर देखेंगे


फिर नयी दुनिया का नया सपना

जिसमे सब कुछ अपना होगा

मेरे और तेरे सिवा

उस सपने में और कोई ना होगा


ये सपना नहीं ये सच होगा

हम मिलकर सपनों की

दुनिया में खो जायेंगे

जो देखे हैं हमने सपने

उनको पूरा कर जायेंगे


तेरी आँख से एक आंसू ना गिरेगा

तेरे लिए हर फूल खिलेगा

तेरे लिए अब जीना होगा

तेरे लिए अब मरना होगा

तू हंस दे तो सवेरा होगा

तेरी ख़ामोशी अँधेरा होगा


कांटों को हमारी

दुनिया से मिटना होगा

तब ये सपना हकीकत होगा। 


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