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Vikas Sharma

Romance

4  

Vikas Sharma

Romance

मौसम

मौसम

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मुझे हर मौसम भाता है,

जहाँ तुम साथ हो,

तुम्हारे मिज़ाज बदलने से

मुझे मौसम बदलते दिखाई देते हैं

तुम्हारे चुप हो जाने पर

मुझे मौसम शांत सा लगता है,

तुम्हारे गुस्सा होने पर,

मुझ पर बिजली सी कड़कती है,

जब तुम खिलखिलाती हो,

बारिश की बौछारें हो जाती हैं,

तुम्हारी उदासी,

भादों की गर्मी सी तड़पाती है,

तुम्हारे होने से मेरे हर मौसम का होना है,

तुम्हारे होने से मेरा होना है।

तुम – हम का मिलना

मैं होना है। 


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