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Bindiyarani Thakur

Abstract

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Bindiyarani Thakur

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हराना है कोरोना को

हराना है कोरोना को

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प्यारी डायरी,

इक्कीस दिनों के लिए हम हैं

बंदी बने

अपने ही घरों में कैदी हुए

आई है खतरनाक बीमारी ये


बीमारी नहीं महामारी है ये

छूने से ही तो

फैलती है ये

कोई इलाज नहीं है इसका

लाइलाज है ये


लोगों से दूर दूर

रह कर ही हैं बच सकते

इसी लिए सरकार ने ये

नियम निकाला है

सबको अपने अपने घरों में ही


रहने को कहा है

इसी तरीके से संभव है रोकना कोरोना को

ऐसे ही हराना है कोरोना को।


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