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SURYAKANT MAJALKAR

Fantasy

4  

SURYAKANT MAJALKAR

Fantasy

हर शाम

हर शाम

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हर शाम तुम्हारा इंतजार रहेगा,

प्यार कल भी था, प्यार आजभी रहेगा,


उल्फतमें आशिक जहाँ भुल जाते है,

मेरा जहाँ कल भी तु था, आज भी रहेगा।


जिगर पर कभी दस्तक जरुर देना,

जिगर खिदमत में हमेशा हाज़िर रहेगा।


मैं वो हवा नहीं हूँ जो हर गली से ग़ुजरे,

तेरी गली में मेरी सास का बसर रहेगा।


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