Surendra kumar singh
Romance
मन होलियाना था
सामने गोरी थी
डालना था रंग डाल दिया आंख
अधर सुर्ख गुलाब से
आंख नील समुन्दर
उरोज उत्तुंग हिमालय
नाभि पूरी कायनात
रंगना था उसको
रंग गये उसमें।
तुम्हारा होना
एहसास
आज
चलो
सुबह है
चेहरे पर मुस्...
स्पर्श
मन का आकाश
तुम्हारी आगोश...
आपसे बस इतनी सी है गुज़रिश, सदा रहना प्रियंका का होकर। आपसे बस इतनी सी है गुज़रिश, सदा रहना प्रियंका का होकर।
बसंती बसंती हर जगह छाया मेरे पिया सुन बसंत आया। बसंती बसंती हर जगह छाया मेरे पिया सुन बसंत आया।
पथ पर कंटक हों जितने भी, पलकों से चुन लूँगी जो भी तुम कह न पाओगे,वो भी सब सुन लूँगी पथ पर कंटक हों जितने भी, पलकों से चुन लूँगी जो भी तुम कह न पाओगे,वो भी सब सुन...
है यथार्थ की इसी धरा पर सच में, तेरा मेरा प्यार अमर। है यथार्थ की इसी धरा पर सच में, तेरा मेरा प्यार अमर।
दरिया हैं प्यासे की पर वह गंगा तो नहीं। दरिया हैं प्यासे की पर वह गंगा तो नहीं।
समय के साथ पूरा हो और वे अपरिचित के रूप में रहते हैं। समय के साथ पूरा हो और वे अपरिचित के रूप में रहते हैं।
दिल को सहलाने लगा है दर्द अब सुहाने लगा है। दिल को सहलाने लगा है दर्द अब सुहाने लगा है।
ऐसी है मेरी प्यारी सी सहेली जो मेरे से बातें करती है। ऐसी है मेरी प्यारी सी सहेली जो मेरे से बातें करती है।
वो रोज रोज़ गुलाब भेजता था मुझे, कहता था इश्क है कबूल कर लो मुझे। फूल देखो मेरे और फ़िर तुम बोलो... वो रोज रोज़ गुलाब भेजता था मुझे, कहता था इश्क है कबूल कर लो मुझे। फूल देखो म...
चाहा श्याम, पाया नाम। मीरा प्रीत, सच्ची रीत। चाहा श्याम, पाया नाम। मीरा प्रीत, सच्ची रीत।
लगता है इस टिप टिप करती बूँद से चाहत बुनती हूँ। लगता है इस टिप टिप करती बूँद से चाहत बुनती हूँ।
सुर्ख़ लबों से हँसकर उसने दिल की हाँ में हाँ भर दी कितनी रातें रोए हैं तब दिन आया शहनाई का। ये सार... सुर्ख़ लबों से हँसकर उसने दिल की हाँ में हाँ भर दी कितनी रातें रोए हैं तब दिन आ...
बारिश की हर इक बूंद मे मेरी प्यास मे हर आस मे मेरे हर इक अहसास मे बसंत मे बहार मे, पतझड़ी संसार म... बारिश की हर इक बूंद मे मेरी प्यास मे हर आस मे मेरे हर इक अहसास मे बसंत मे बहा...
लिख रहा हूँ तुम्हें की अब सुन लो मेरी पुकार प्यार का मौसम यूं ही बीत जाएगा। लिख रहा हूँ तुम्हें की अब सुन लो मेरी पुकार प्यार का मौसम यूं ही बीत जाएग...
अपनी शीतलता चंचलता और लोरियों से मनाया करो ! अपनी शीतलता चंचलता और लोरियों से मनाया करो !
हरी के चरणों में, हरी गुण गाऐंगे, वही तो परम आनन्द है। हरी के चरणों में, हरी गुण गाऐंगे, वही तो परम आनन्द है।
प्यार करो तो प्यार से। बदले न कोई चाह से। प्यार करो तो प्यार से। बदले न कोई चाह से।
बस एक घड़ी मुझको, बाहों में ले ले तू, मैं तनहा अकेला, टूटता जा रहा हूँ.... सुलझन ना दिख र... बस एक घड़ी मुझको, बाहों में ले ले तू, मैं तनहा अकेला, टूटता जा रहा हूँ......
आँच देने देखो ना ये फ़रवरी के जलवे लाजवाब है। आँच देने देखो ना ये फ़रवरी के जलवे लाजवाब है।
जिससे किया था प्यार उसी ने तोड़ दिया मेरा दिल, कैसे करूं विश्वास किसी पर है बड़ी मु जिससे किया था प्यार उसी ने तोड़ दिया मेरा दिल, कैसे करूं विश्वास किसी ...