STORYMIRROR

V. Aaradhyaa

Action Inspirational

4  

V. Aaradhyaa

Action Inspirational

होलिका दहन व्यर्थ ना हो

होलिका दहन व्यर्थ ना हो

1 min
286


उनके रंग में रंगते ही लग गई देह में आग ।

सजनी साजन से कहे, आओ खेलें फाग ।।


तन-मन रंगीन कर, जलाए होलिका चिराग ।

अपने घर को अब सखे, लौट चला है फाग ।।


हर तरफ है धूम मची , आया देखो फाग 

धरती से आकाश तक, गूंजे फागुन राग।।


होली की रुत आ गई, खेले रंग गुलाल।

शुभ कामना दे रही, मिले खुशी हर साल।।


 रंगो के इस मेले में देखना कोई युद्ध ना हो।

होलिका दहन कभी आगे जाकर व्यर्थ ना हो।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Action