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V. Aaradhyaa

Action Inspirational

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V. Aaradhyaa

Action Inspirational

होलिका दहन व्यर्थ ना हो

होलिका दहन व्यर्थ ना हो

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उनके रंग में रंगते ही लग गई देह में आग ।

सजनी साजन से कहे, आओ खेलें फाग ।।


तन-मन रंगीन कर, जलाए होलिका चिराग ।

अपने घर को अब सखे, लौट चला है फाग ।।


हर तरफ है धूम मची , आया देखो फाग 

धरती से आकाश तक, गूंजे फागुन राग।।


होली की रुत आ गई, खेले रंग गुलाल।

शुभ कामना दे रही, मिले खुशी हर साल।।


 रंगो के इस मेले में देखना कोई युद्ध ना हो।

होलिका दहन कभी आगे जाकर व्यर्थ ना हो।।



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