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Neeraj Kumar

Romance

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Neeraj Kumar

Romance

होली में

होली में

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मुझे कुछ बात कहनी है, कहो तो कह दूँ होली में

इजाजत हो तो मन की आज मैं कर जाऊँ होली में। 


जरा सा रंग फूलों से हवा से खुशबुयेँ लेकर

तुम्हारे गाल पर मस्ती फिजा की मल दूँ होली में। 


शर्म से लाल हो चेहरा निगाहें देखती नीचे 

बुला कर पास बाहों में तुम्हें तब भर लूँ होली में।  

 

नयन काजल भरे हैं औ जुबां मिट्ठी गिलौरी सी

अधर से जाम भरकर आज जमकर पी लूँ होली में। 

  

गुलाबी, केसरी, पीले धरा से रंग सब लेकर

निवेदन प्रेम का करने कहो तो आऊँ होली में। 


बुनी जो रेशमी चादर हवा फागुन वसंती ने

उसी के चढ़ हिंडोले रंग मैं बरसाऊँ होली में। 


गुलाबी पंखुड़ी से नाम जो लिक्खा था नीरज ने

सुगन्धित प्रेम की पाती लिए आ जाऊँ होली में।


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