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Rashmi Rawat

Romance

4  

Rashmi Rawat

Romance

होली के रंग में रंगे

होली के रंग में रंगे

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गोरी और साजन दोनो ही करते आंख मिचौली,

मस्ती में झूमें, रंगों में डूबें, करते खूब ठिठोली,

होली के रंगों सी हो गई वसुधा मतवाली, रंगीन,

लेकर संग गुलाल, पिचकारी निकली देखो टोली।


मन के सारे गिले मिटाकर, भर प्रेम पिचकारी,

अरे ऎसा रंग लगाओ रे भैया लगन छूटे उम्र न सारी,

रंग गुलाबी ऎसा रंग दो, मन निर्मल हो जाए,

प्रेम की एसी भंग पिला दो उतरे नहीं खुमारी।


हुलियारे होली खेलें, खूब रचाएं स्वांग,

बेढंगे से भेष बनाएं, झूमें पीकर भांग,

मतवाली धुन पर सब नृत्य करें मदमस्त,

राधा कृष्ण का रुप धरें, छेड़े बंसी की तान।


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