STORYMIRROR

Govardhan Bisen 'Gokul'

Abstract Inspirational Children

4  

Govardhan Bisen 'Gokul'

Abstract Inspirational Children

होली का रंग

होली का रंग

1 min
193

सर्दी  बिदाई  ले रही

आया   बसंत  बहार।

प्रेम  बाटने  आ गया

यह  रंगो का त्योहार।|१||


लाल पिला हरा निला

रंग सुखा  गिला देखो।

झुम  उठे  सभी  यहा

ऋतू  ये  रंगीला देखो।|२||


दौड़  रहे  सारे बच्चे 

हाथ मे ले पिचकारी।

खेल  रहे  रंग  सभी

मारकर   किलकारी।|३||


होली पर  हो रहा है

देखो सब ऐसा हाल।

हर  गाल  पर  लगा 

देखो  रंगीन  गुलाल।|४||


आओ  सब  मिलकर 

जमायेंगे   ऐसा   ढंग।

त्याग छल शत्रुको भी 

लगायेंगे     प्रेम   रंग।|५||


नाचकर  गावो   फाग

बजाकर   सब  ताली।

रंग  के   बौछार  संग

देखो आयी अब होली।|६||


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract