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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama Inspirational

हनुमान जी भक्ति

हनुमान जी भक्ति

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जिसकी बालाजी के सहारे चलती है, नोका

आंधी-तूफां में भी टिकी रहती है, वो नोका

जिनको मेरे बजरंगबली पर है, अटूट भरोसा

वो अपनी जिंदगी में कभी न खाता है, धोखा


कलयुग में हंसने का बस एक यही है, मौका

लेते रहो, नित मेरे हनुमानजी का नाम, चोखा

जिसकी बजरंगबली के सहारे चलती है, नोका

वो पत्थर की होकर भी, दरिया में लगाये, गोता


श्री रामजी का हर संकट, आपने ही था, रोका

सीता मां का पता लगाया, वाटिका अशोका

माता के दुलारे, माता का मिटाया था, शोका

आप जैसा दूजा न हुआ है, रामभक्त चोखा


आपकी शरण आया हूं, देना भक्ति का मौका

सारा जग भूल जाऊं, ऐसा बनाना भक्त चोखा

जैसा दादा चाहता है, बालाजी अपना पोता

वैसे ही बालाजी अपनी भक्ति का देना, गोटा


नित ही पहना रहूं, ब्रह्मचर्य व्रत का लंगोटा

पल-पल लूं तेरा नाम, वो दे, भक्तिजल लोटा

नित ही चढ़ा पाऊं, हनुमानजी, में तो, तेरे रोटा

सांस-सांस में रटूँ तेरा नाम, बना दे, वो तोता



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