Khalid MOHAMMED
Drama
नजरिया बदलते ही
नजरिया बदल जाता है,
नज़रिये नज़रिये से भी
हमारी नज़र से जब
तुम देखोगे उन्हें,
देखो कैसे तुम्हारा भी
नजरिया बदल जाता है !
महंगाई
ज़िन्दगी
उलझन
मैं और मेरी प...
हमारी नज़र !
तस्वीर
वतन से कुछ न ...
किताब!
बेवफाई
ज़रूरी है!
बनानेवाले ने गर मुझे दो बूँद, शराब ही बना दिया होता बनानेवाले ने गर मुझे दो बूँद, शराब ही बना दिया होता
मैं कब से टूट रहा था वो मेरे हाथों से रेत की तरह छूट रहा था। मैं कब से टूट रहा था वो मेरे हाथों से रेत की तरह छूट रहा था।
खुद को पाने की जंग शुरू करना होगी नए सिरे से। खुद को पाने की जंग शुरू करना होगी नए सिरे से।
प्रेम को हैं छल छिद्र बनाया बड़ी अजब यौवन की हैं माया प्रेम को हैं छल छिद्र बनाया बड़ी अजब यौवन की हैं माया
लेकिन सबमें मुख्य, मैं अपने जीवन में आपके बिना मौजूद नहीं रह सकता। लेकिन सबमें मुख्य, मैं अपने जीवन में आपके बिना मौजूद नहीं रह सकता।
पर जलते दीए के नीचे ही अंधेरा निकला अजब सी। पर जलते दीए के नीचे ही अंधेरा निकला अजब सी।
जिन्दगी में मिली तन्हाई हमें महफिलें ख्बाब में हम सजाते रहे। जिन्दगी में मिली तन्हाई हमें महफिलें ख्बाब में हम सजाते रहे।
गैर को बात दिल की सुनाते रहे बात दिल की हमें भी बताना कभी गैर को बात दिल की सुनाते रहे बात दिल की हमें भी बताना कभी
बस हम अपने अधूरे दिल की दास्ताँ सुना नहीं रहें। बस हम अपने अधूरे दिल की दास्ताँ सुना नहीं रहें।
माँ सिखाती आँचल होता है इज्जत अपने घर की। माँ सिखाती आँचल होता है इज्जत अपने घर की।
दो दो घरों की मालकिन बहू और बेटी को ये कभी ना सोचना पड़े कि उसका घर कौन सा है। दो दो घरों की मालकिन बहू और बेटी को ये कभी ना सोचना पड़े कि उसका घर कौ...
अनकहे से सवालों के जवाब की खोज में ये दिल दिन रात खोया सा रहता है। अनकहे से सवालों के जवाब की खोज में ये दिल दिन रात खोया सा रहता है।
क्यों उसकी आँखों में हमें देखा करते हो। क्यों उसकी आँखों में हमें देखा करते हो।
वक्त पड़ता कभी तो दगा देते सभी कब हुआ है किसी का जमाना कभी वक्त पड़ता कभी तो दगा देते सभी कब हुआ है किसी का जमाना कभी
सूर्य की नवीन किरणों से, झरने के पानी की तरह, एक नई दिशा ले रहे हैं। सूर्य की नवीन किरणों से, झरने के पानी की तरह, एक नई दिशा ले रहे हैं।
तो आओ हम सब मिलकर ले प्रतिज्ञा, मानेंगे संविधान की हर बात ना करेंगे इसकी अवज्ञा। तो आओ हम सब मिलकर ले प्रतिज्ञा, मानेंगे संविधान की हर बात ना करेंगे इसकी अवज्...
बात शीतल हवा की नहीं रात तूफानी की है सुनो सुनो यह मेरे भग्न होने की कहानी है। बात शीतल हवा की नहीं रात तूफानी की है सुनो सुनो यह मेरे भग्न होने की कहानी ह...
दिल के कोठरी ने इन्हें हमेशा रोका, दे देते है अपना जीवन जब मिले इन्हें मौका। दिल के कोठरी ने इन्हें हमेशा रोका, दे देते है अपना जीवन जब मिले इन्हें मौका।
नन्हे सपनों को अपने चुन रही हो जैसे वह बालिका। नन्हे सपनों को अपने चुन रही हो जैसे वह बालिका।
पूछता है मन अबोध बनकर अक्सर मार क्यों जाते हैं लोग खुद मर कर। पूछता है मन अबोध बनकर अक्सर मार क्यों जाते हैं लोग खुद मर कर।