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Khalid MOHAMMED

Tragedy

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Khalid MOHAMMED

Tragedy

ज़रूरी है!

ज़रूरी है!

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एक दर्द नया ज़रूरी है,

अपने पिछले कई गम भुलाने के लिए।


एक आवाज़ रिश्ते में ज़रूरी है,

किसी बिछड़े अपने को बुलाने के लिए।


एक इंसान को इंसानियत ज़रूरी है,

इंसानियत को इंसानो में बढ़ाने के लिए।


एक खंजर दिल पर ज़रूरी है,

किसी के सोये ज़मीर को जगाने के लिए।



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