Khalid MOHAMMED
Inspirational Others
फज़ूल की ज़िन्दगी कभी जिया ना करो
खून के आँसू कभी पिया न करो
सोचो तुमने अपने वतन को दिया क्या है
कभी अपने वतन से कुछ भी लिया न करो!
महंगाई
ज़िन्दगी
उलझन
मैं और मेरी प...
हमारी नज़र !
तस्वीर
वतन से कुछ न ...
किताब!
बेवफाई
ज़रूरी है!
मुस्काएँ अम्बर पर, जब चाँद सितारे। जीवन में खुशियों के, खिले पुष्प सारे। मुस्काएँ अम्बर पर, जब चाँद सितारे। जीवन में खुशियों के, खिले पुष्प सारे।
कर सकें एक दूजे से सच्चा प्रेम.. और दें जीवन में उसे सही मायने....! कर सकें एक दूजे से सच्चा प्रेम.. और दें जीवन में उसे सही मायने....!
ज्ञान में वृद्धि करने ने से ही, जीवन सफल हो पाता है। ज्ञान में वृद्धि करने ने से ही, जीवन सफल हो पाता है।
मां बाप से नित आशीष पाए ऐसा घर होता सुखी संसार। मां बाप से नित आशीष पाए ऐसा घर होता सुखी संसार।
इन पे क्यों काले बादल छाये है, पर ये बादल भी आकाश के रंग को बदल ना पाए है, इन पे क्यों काले बादल छाये है, पर ये बादल भी आकाश के रंग को बदल ना पाए है,
वह यह भी जानता है कि ब्रह्म, जो शुद्ध और शाश्वत है। वह यह भी जानता है कि ब्रह्म, जो शुद्ध और शाश्वत है।
फिर से जैसे जिंदगी की ओर मुड़ने लगी हूं। फिर से जैसे जिंदगी की ओर मुड़ने लगी हूं।
बदल गए त्यौहारों के रूख मेले महफिलें गए सब छोड़ बदल गए त्यौहारों के रूख मेले महफिलें गए सब छोड़
फिर क्यों खून का व्यापार क्यों खून के रिश्ते तार-तार। फिर क्यों खून का व्यापार क्यों खून के रिश्ते तार-तार।
जय हिंद,जय भारत नारों से गूँजे आसमाँ। जय हिंद,जय भारत नारों से गूँजे आसमाँ।
शक्ति के पुत्र,वशिष्ठ पौत्र है,पराशर वेद,विज्ञान,ज्योतिष ज्ञाता है,पराशर। शक्ति के पुत्र,वशिष्ठ पौत्र है,पराशर वेद,विज्ञान,ज्योतिष ज्ञाता है,पराशर।
पिता ही तो दिखाते हैं दुनिया को पिता ही तो सजाते हैं दुनियां को। पिता ही तो दिखाते हैं दुनिया को पिता ही तो सजाते हैं दुनियां को।
चंद अल्फाजों से रास्ता बदलते समुंदर देखे है जिंदगी में। चंद अल्फाजों से रास्ता बदलते समुंदर देखे है जिंदगी में।
मिलेगी मुझे मंज़िल, मैं भी अपने पैरों पर खड़े होना चाहता हूँ। मिलेगी मुझे मंज़िल, मैं भी अपने पैरों पर खड़े होना चाहता हूँ।
हर पिता होता है अपने बच्चों के लिए आदर्श l हर पिता होता है अपने बच्चों के लिए आदर्श l
धरती माँ के आशीर्वाद से पिता गगन के चरण छू आते हैं। धरती माँ के आशीर्वाद से पिता गगन के चरण छू आते हैं।
पिता का किया बलिदान बच्चों को जब वो खुद पिता बनते पिता का किया बलिदान बच्चों को जब वो खुद पिता बनते
विवाह एक समझौता दो प्राणियों का गठबंधन एकलौता। विवाह एक समझौता दो प्राणियों का गठबंधन एकलौता।
दौर कैसा भी हो ? बस बेखौफ मुस्कुराया करो। दौर कैसा भी हो ? बस बेखौफ मुस्कुराया करो।
बस यहीं में मिलता हूं बस यहीं में मिलता हूं सोच में। बस यहीं में मिलता हूं बस यहीं में मिलता हूं सोच में।