STORYMIRROR

Ganesh Chandra kestwal

Inspirational

4  

Ganesh Chandra kestwal

Inspirational

हमारा संविधान

हमारा संविधान

1 min
267


हमारा संविधान है, जीने का विधान है।

रखता सबका ध्यान है, देता सबको मान है।

लिखित स्वरूप है बड़ा, अपराध के लिए कड़ा।

सभी को न्याय नित मिले, न्याय के लिए खड़ा।

समस्त राष्ट्र मानता, महानता बखानता ।

दे सदा समानता, विश्व भी पहचानता ।

उन्नति की राह है, जिसकी नहीं थाह है। 

इसमें नहीं दाह है, प्रेम इसकी चाह है। 

उदार भाव भरे हुए, जो बड़े सधे हुए। 

इसी से पिछड़े लोग भी, आगे हैं खड़े हुए।

अधिकार सबको दे रहा, कर्तव्य भी सिखा रहा। 

देश को बढ़ा रहा, सन्मार्ग पर चला रहा।

हमारी रक्षा यह करे, मान इसका हम करें ।

सद्भावनाएं उर धरें, सम्मान सभी का करें।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational