STORYMIRROR

प्रियंका शर्मा

Inspirational

4  

प्रियंका शर्मा

Inspirational

मुझे दीप सा जल जाने दो

मुझे दीप सा जल जाने दो

1 min
570

है नियति चलना अग्निपथ पर

मुझे दीप सा जल जाने दो


एक तमस् जो फैला जग में

एक अंध जो व्याप्त है मन में

मेरी जीवन अग्नि लौ से

पूर्ण तिमिर तुम मिट जाने दो

मुझे दीप सा जल जाने दो


एक कुहासा जो किरणों से

औ खेल रहा हँस कर अपनो से

सूर्य -से इस मेरे चरित्र से

सब कोहरा तुम छट जाने दो

मुझे दीप सा जल जाने दो


आशा का मैं नवल गान हूँ

भारतीय संस्कृति का सम्मान हूँ

घोर तिमिर में उठी तपन का

भोर से परिचय हो जाने दो

मुझे दीप सा जल जाने दो


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational