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सहधर्म चारिणी, हृदय विहारिणी, संतति दायिनी, नेह प्रसारिणी। हृदय निनादिनी, जीवन में बहु मोद दायिनी। व... सहधर्म चारिणी, हृदय विहारिणी, संतति दायिनी, नेह प्रसारिणी। हृदय निनादिनी, जीवन म...
प्रसन्नता बहुत बड़ी, नारी सशक्त हो रही। स्वर्णिम भविष्य बीज को, नारी सशक्त बो रही। समस्त दुःख अरु व्... प्रसन्नता बहुत बड़ी, नारी सशक्त हो रही। स्वर्णिम भविष्य बीज को, नारी सशक्त बो रह...
मौका पाते करते मार बढ़ा प्रेम में भ्रष्टाचार मौका पाते करते मार बढ़ा प्रेम में भ्रष्टाचार
भारत विशाल देश में सुबुद्धि दे रहा। भारत विशाल देश में सुबुद्धि दे रहा।
धूप हारे शीत से अब, रात ठंडी हो रही। पत्तियांँ भी पेड़ की सब, पीत वर्णी हो गए। धूप हारे शीत से अब, रात ठंडी हो रही। पत्तियांँ भी पेड़ की सब, पीत वर्णी हो गए...
ताल मनोहर यहाँ सुहाते। ताल मनोहर यहाँ सुहाते।
अमित कृपा से भैरव बाबा, सींचे उनका अवनत शीश अमित कृपा से भैरव बाबा, सींचे उनका अवनत शीश
अतुल प्यार करते बच्चों से, उनके कंठ के हार थे। अतुल प्यार करते बच्चों से, उनके कंठ के हार थे।
पूछते धनवान को सब, मान अपना मानते। पूछते धनवान को सब, मान अपना मानते।
धन्य धरा अपने भारत की, वसी जहाँ संगम नगरी। धन्य धरा अपने भारत की, वसी जहाँ संगम नगरी।