हम सब पहले भारतीय हैं
हम सब पहले भारतीय हैं
कोई भी राष्ट्र तब तक शक्तिशाली
नहीं हो सकता जब तक उसके नागरिक
अपनी पहचान पर गर्व नहीं करते।
और हर भारतीय राष्ट्रवाद में स्वाभाविक हैं
क्योंकि हमारे पास गर्व करने के लिए एक
समृद्ध बहुसांस्कृतिक विरासत है।
हम सब पहले भारतीय हैं और बाद मे कुछ और,
इतिहास गवाह है हमारा की भारत मे हमेशा से
प्रेम और सदभावना पनपति आयी है,
और ये वो देश है जहाँ पर भगवान बुद्ध और
महात्मा गाँधी जैसे महापुरुषों नें जन्म लिया।
हमारे देश को विश्व गुरु मना जाता है,
भारत को दुनिया का आध्यात्मिक केंद्र
बताया गया है।यह भूमि संतों का निवास स्थल है।
करुणा हमारी विरासत है;
हम इंसानियत पर भरोसा करते हैं,
हिन्दू और मुस्लमान हम बाद मे हैं,
पहले हम सब भारतीय हैं..!
विविधता हमारी संस्कृति है,
और एकता हमारी ताकत है,
हम विश्व की शांति के लिए प्रयास करते हैं,
लेकिन रक्षा के प्रति सतर्क हैं।
अगर हमारी आन बान शान पर आजाए ,
तो हम निश्चित रूप से दुश्मन को धूल चटाएगा,
नहीं है दूजा जिसके जैसा,
हमारा भारत है सबसे निराला,
नहीं कोई इसके जैसा ।
दृढ़ता हमारा लोकाचार है,
और परिश्रम हमारा साधन है,
देशभक्ति और राष्ट्रवाद की भावना
हमारे दिल मे है।हम बुलाते है हमारे देश को 'मा'
हम करेंगे इसकी हिफाजत
चाहे इसके लिए खुद को कुर्बान हि
क्यों ना करना पड़े..!
आइए आज करें यह प्रतिज्ञा की
हम रहेंगे अपने देश के प्रति निष्ठाबान।
राष्ट्र हित और उसकी प्रगति और
उसके प्रति सभी नियम आदर्शों को बनाए रखने
का सिद्धांत पर हम चलेंगे।चलिए जश्न मनाते हैं आज़ादी का और
ये प्रण लेते हैं की हम सभी भारतवासी
धर्म, क्षेत्र, सामाजिक उदासीनता और
राजनीतिक आकांक्षाओं से ऊपर उठकर,
अपने भारतीय होने का फर्ज़ पहले निभाएंगे।
