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Surendra kumar singh

Drama

3  

Surendra kumar singh

Drama

हम लौट कर आयेंगे

हम लौट कर आयेंगे

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हम लौटकर आएंगे

एक बार फिर आप के शहर में।

हम लौटकर आएंगे

वहीं, जहां हमने

इंतजार किया है आप का

इतने दिनों तक एक उम्मीद में।


हम लौटकर आएंगे वहीं

आप के शहर में

जहां हमारी आवाज

आप के शुभचिन्तकों की

खुसर फुसुर की आवाज में

दब गयी थी।


एक आग बन गयी थी

डरने लगे थे आप

हमारी प्यार भरी आवाज से।


हम लौटकर आएंगे

एक बार फिर आप के शहर में

जब हम लगने लगेगा

आप के शहर में

जंगल का दस्तूर बदलने लगा है।


मचलने लगे हैं आप

पहचानने को

तारकोल पुते चेहरे के नीचे का

असली चेहरा

नकाब लगाए चेहरों के नीचे का।


असली चेहरा

समझने लगे हैं अपनी जिम्मेदारी

और तैयार हुये बैठे हैं

चलने को अपनी

निर्धारित मन्जिल की ओर।


हम लौटकर आएंगे

एक बार फिर

जब आप सुन रहे होंगे

हमारी आवाज

गा रहे होंगे हमारे गीत।


तमीज कर रहे होंगे

सूचना और सन्देश के बीच

हम लौटकर आएंगे

आप के शहर में।


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