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Raashi Shah

Abstract Drama

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Raashi Shah

Abstract Drama

दुल्हन बन बैठी हूँ...

दुल्हन बन बैठी हूँ...

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पायल छन-छन करती है,

चूड़ी खन-खन करती है,

आँखों में काजल सजे,

कानों बाली सजती है।


जीवन की सारी यादेंऽ,

आँखों में छलकती है,

छोड़ बाबुल का आँगन मैं तो,

दुल्हन बन बैठी हूँ।

हो हो..


मुश्किल है येऽ तो सफ़र,

उम्मीदें हैं मगर,

नया है ये तो नगर,

बनाऊँगी अपना घर।


बेटी से अब तो मैं,

बहू बनूँगी जब,

रिश्ते बनेंगे नये, अलग…


माँ तेरी पल-पल तो,

याद मुझे सताएगी,

छोड़ बाबुल का आँगन मैं तो,

दुल्हन बन बैठी हूँ।

हो हो...


पहेली है ये सफ़र,

साथी मिला हमसफ़र,

साथ चलेंगे अगर,

खुशियाँ आएँगी घर।


साथ हँसेंगे हम,

साथ रोएँगे हम,

ज़िंदगी साथ बिताएँगे...


जीवन का ये जो डगर,

आशीश संग लेके चलूँ,

छोड़ बाबुल का आँगन मैं तो,

दुल्हन बन बैठी हूँ।

हो हो...


गाने की धुन का नाम: कौन तुझे यूँ प्यार करेगा...

फ़िल्म का नाम: M.S. Dhoni - The Untold Story


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